तंजानिया लाइव : सात समंदर पार, बही हिंदी की बिहारी बयार

पटना : जब पटना ही नहीं, बिहार समेत पूरा देश सो रहा था, तो सात समंदर पार हिंदी की बिहारी बयार बह रही थी. भारतीय आत्मा के कवि रामधारी सिंह दिनकर के काव्य कलश छलक रहे थे. बच्चे म से मां और भ से भारत पढ़ रहे थे. यहां तक कि अफ्रीकन लड़की सभु्द्रा कुमारी चौहान की कविता सुना रही थी. यूं कहें कि अफ्रीका के तंजानिया का वह हॉल छोटा भारत बन गया था.

 

जी हां, जब पटना में आधी रात थी, तो तंजानिया में विश्व हिंदी दिवस पर स्वर्ण गंगा परिवार की ओर से रंगारंग समारोह का आयोजन किया गया था. कार्यक्रम का आयोजन इंडियन कल्चरल सेंटर में किया गया था. इसकी अध्यक्षता संदीप आर्या ने किया. आर्या वहां इंडियन हाई कमिश्नर के पद पर काबिज हैं. वहीं कार्यक्रम का संचालन इंडियन कल्चरल सेंटर के डायरेक्टर इंद्रजीत सागर कर रहे थे. काफी संख्या में लोग जुटे थे और पूरे कार्यक्रम में रहे. इस मौके पर 6 बच्चों को सम्मानित भी किया गया.

देखते ही बन रहा था ग्रेस का हिंदी प्रेम                       

कार्यक्रम में अफ्रीकन लड़की ग्रेस का हिंदी प्रेम देखते ही बन रहा था. उन्होंने जब कवि माखनलाल चतुर्वेदी की पुष्प की अभिलाषा कविता को सुनाया, तो किसी को लग ही नहीं रहा था कि वे भारत से बाहर बैठे हुए हैं. कविता की पंक्ति – चाह नहीं मैं सुरबाला के गहनों में गूंथा जाऊं, चाह नहीं प्रेमी-माला में बिंध प्यारी को ललचाऊं… को सुनाया तो हर कोई उनके साथ गुनगुनाने लगा. गौरतलब है कि ग्रेस तंजानिया में इंडियन हाई कमीशन में पोस्टेड हैं.

दिनकर की कविता पर खूब बजीं तालियां                  

भारतीय आत्मा के राष्ट्रीय कवि दिनकर की कविता को प्रिया पाठक ने सुनाया तो श्रोताओं ने जम कर तालियां बजायीं. प्रिया ने दिनकर की पंक्ति – ‘चिंता हो भी क्यों तुम्हें, गांव के जलने से/ दिल्ली में तो रोटियां नहीं कम होती हैं/ धुलता न अश्रु-बूंदों से आंखों से काजल गालों पर की धूलियां नम होती हैं…’ इसके अलावा वो अजीब लड़की फेम कहानीकार व बिहार के भागलपुर की रहनेवाली प्रियंका ओम ने अपनी स्वरचित कविता का पाठ किया. उनकी कविता में नारी शक्ति का अहसास देखने को मिला. वहीं शिवि पाठक ने पुरुषों की व्यथा पर बनी हास्य कविता का पाठ किया.

बच्चों ने हिंदी के अक्षरों को पेश किया

मंगलवार की देर रात आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों ने भी गजब की प्रस्तुति दी. बच्चों ने हिंदी के अक्षरों को बेहतरीन ढंग से प्रजेंट किया और बताया कि कौन-कौन अक्षरों से कैसे शब्द व वाक्य बनते हैं. इसमें भ से भारत और म से मां की विशेषता बतायी गयी. बच्चों के बीच हिंदी कविता प्रतियोगिता करायी गयी. इसमें 6 बच्चों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया.

 

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